Gurmit Singh से भालू अध्ययन पर चर्चा, मानव-वन्यजीव संघर्ष पर अहम सुझाव

Dehradun स्थित Lok Bhawan में राज्यपाल Gurmit Singh से डॉ. एस. एम. विल्सन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, Blackfoot Challenge ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मानव-भालू संघर्ष पर अपने लगभग 20 वर्षों के शोध और अनुभव साझा किए।

डॉ. विल्सन ने बताया कि उनके अध्ययन में यह पाया गया है कि भालू अक्सर मृत मवेशियों के अवशेषों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे वे आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि मृत पशुओं का वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया जाए, ताकि भालुओं का मानव बस्तियों की ओर आकर्षण कम किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण भालुओं के व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा है। शीतनिद्रा (हाइबरनेशन) की अवधि में कमी आने से वे अधिक समय तक सक्रिय रहते हैं और भोजन की तलाश में मानव क्षेत्रों के करीब आ जाते हैं। ऐसे में मानव-वन्यजीव टकराव की संभावना बढ़ जाती है।

डॉ. विल्सन ने सुझाव दिया कि भालुओं के आहार, आवासीय व्यवहार और गतिविधियों का विस्तृत अध्ययन किया जाना चाहिए। साथ ही सामुदायिक सहभागिता, वैज्ञानिक डेटा का उपयोग, पशु अवशेष प्रबंधन और जन-जागरूकता जैसे उपायों को अपनाकर संघर्ष को कम किया जा सकता है। उन्होंने रोकथाम आधारित रणनीतियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

राज्यपाल ने उनके अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि पर्वतीय राज्य Uttarakhand में मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामुदायिक सहयोग से समाधान संभव है। राज्यपाल ने डॉ. विल्सन को वन मंत्री एवं सचिव से बैठक कर अपने सुझाव साझा करने का भी अनुरोध किया।

इस अवसर पर पूर्व पीसीसीएफ Rajiv Bharatari भी उपस्थित रहे। बैठक को पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.