देहरादून। भारतीय जनता पार्टी** के प्रदेश अध्यक्ष **महेंद्र भट्ट** ने वनभूलपुरा अतिक्रमण मामले में **सुप्रीम कोर्ट** की हालिया टिप्पणियों को उत्साहवर्धक बताया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य को अवैध कब्जों से मुक्त करने की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
भट्ट ने कहा कि देर-सबेर न्यायालय का अंतिम निर्णय सरकारी जमीन पर हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां तक प्रभावित परिवारों का सवाल है, उन्हें नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने दोहराया कि वनभूलपुरा अतिक्रमण को लेकर पार्टी का रुख पूरी तरह स्पष्ट है और राज्य में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और सभी पक्षों को अंतिम निर्णय का इंतजार है। उन्होंने कहा कि अब तक की सुनवाई के दौरान न्यायालय की टिप्पणियां इस बात की ओर संकेत करती हैं कि संबंधित भूमि पर बसे अधिकांश लोगों के पास वैध अधिकार नहीं हैं।
भट्ट ने आरोप लगाया कि दशकों तक रणनीति के तहत सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों का संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने कहा कि रेलवे की ओर से दायर वाद पर हाईकोर्ट द्वारा कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जिनका पालन प्रदेश सरकार कर रही थी, लेकिन कुछ लोग मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गए।
उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दलों और स्थानीय नेताओं द्वारा अतिक्रमणकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
भट्ट ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार देवभूमि की डेमोग्राफी और शांति बनाए रखने के लिए अवैध कब्जों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जैसे ही अंतिम निर्णय आएगा, सरकार तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाएगी।