देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित सहकारिता मेलों के माध्यम से राज्य सरकार ने किसानों, काश्तकारों, युवा उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को 21 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया है। यह जानकारी प्रदेश के सहकारिता मंत्री **डाॅ. धन सिंह रावत** ने मीडिया को जारी बयान में दी।
उन्होंने बताया कि इन मेलों का उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामीण आर्थिकी को बढ़ावा देना है। सहकारिता विभाग के माध्यम से आयोजित इन विशेष थीम आधारित मेलों में पशुपालन, मछली पालन, फूलों की खेती और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया।
डॉ. रावत ने बताया कि अब तक प्रदेश के 11 जनपदों में सहकारिता मेलों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जबकि टिहरी जनपद में भी मेला आयोजित किया गया। इन आयोजनों में किसानों, कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए मंच प्रदान किया गया।
मेलों के दौरान 500 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का विक्रय कर उल्लेखनीय मुनाफा अर्जित किया। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। विभागीय योजनाओं की जानकारी और लाभ सीधे आमजन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार के आयोजन आगे भी जारी रहेंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारिता मेलों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।