कांकेर में बड़ा उलटफेर: डीवीसीएम मल्लेश ने AK-47 संग किया आत्मसमर्पण

रायपुर,  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित उत्तर बस्तर क्षेत्र से सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता की खबर सामने आई है। कांकेर जिले के घोर नक्सल प्रभावित छोटेबेठिया इलाके में सक्रिय डिवीजनल कमेटी मेंबर (डीवीसीएम) मल्लेश ने बीती रात बीएसएफ कैंप पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। वह अपने साथ एके-47 असॉल्ट राइफल भी लेकर आया था।

कांकेर पुलिस और Border Security Force (बीएसएफ) के अधिकारियों ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार, मल्लेश लंबे समय से दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय था और संगठन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी तलाश में जुटी थीं।

बताया जा रहा है कि स्थानीय ग्रामीणों की पहल और समझाइश के बाद मल्लेश ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। ग्रामीणों की मौजूदगी में उसने बीएसएफ कैंप पहुंचकर अपने हथियार डाल दिए। अधिकारियों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है और इससे क्षेत्र में सक्रिय कैडरों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मल्लेश को पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार की इस नीति का उद्देश्य भटके युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों के चलते नक्सल संगठन की पकड़ कमजोर हो रही है। ऐसे आत्मसमर्पणों से यह संदेश जाता है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताने वाले लोगों के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं।

कांकेर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

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