देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के एक जवान ने मानवता का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। पुलिस लाइन देहरादून में तैनात हेड कांस्टेबल इमरान अली ने रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखते हुए भी जरूरतमंद महिला की जान बचाने के लिए अपना रोजा तोड़कर रक्तदान किया।
जानकारी के अनुसार, व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना मिली कि उत्तरकाशी निवासी एक व्यक्ति की पत्नी जॉली ग्रांट अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है और उसे तत्काल रक्त की आवश्यकता है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए हेड कांस्टेबल इमरान अली बिना देर किए अस्पताल पहुंचे।
उस समय वे रोजे पर थे, लेकिन इंसानियत को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने रोजा तोड़कर महिला के लिए रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से उपचाराधीन महिला को राहत मिली। परिजनों ने इस मानवीय कदम के लिए पुलिसकर्मी का आभार जताया और उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा की।
हेड कांस्टेबल की इस पहल ने यह संदेश दिया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर समाज के लिए आगे बढ़कर मदद भी करती है। दून पुलिस की इस संवेदनशीलता की चर्चा अब शहरभर में हो रही है।
गौरतलब है कि रमजान मुस्लिम समुदाय के लिए अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें रोजा रखना धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में ड्यूटी के साथ मानवता का फर्ज निभाते हुए रक्तदान करना एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
परिजनों ने भावुक होकर कहा कि समय पर रक्त नहीं मिलता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस का दिल से धन्यवाद दिया।

