देहरादून के Shaheed Major Durga Malla Maidan में तीन दिवसीय गोरखा हिमालयन फेस्टिवल के पहले चैप्टर 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर हरीश रावत ने गोरखा समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी विविधता, लोकसंस्कृति और पारंपरिक मूल्यों से है। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों में कला, संस्कृति और परंपराओं का जो अद्भुत संगम देखने को मिलता है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम में गोरखा हिमालयन समिति के संस्थापक आचार्य डॉ. सुशांत महाराज, अध्यक्ष कमला थापा, संरक्षक गोदावरी थापली और सलाहकार राजन शाही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंच संचालन ज्योति कोटिया और प्रभा शाह ने किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी और संगठन की राष्ट्रीय महामंत्री नूतन बिष्ट भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
अपने संबोधन में हरीश रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल समाज को एक मंच पर लाते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रनिर्माण में गोरखा समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे सम्मान और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
उन्होंने देहरादून एवं प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में फेस्टिवल में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करेगा।