देहरादून। उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी सफलता सामने आई है। प्रदेश में ढाई लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। ग्राम्य विकास मंत्री **गणेश जोशी** ने अपने शासकीय आवास पर आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। बैठक में केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से आजीविका संवर्धन कार्यक्रमों को और अधिक गति देने पर जोर दिया।
गणेश जोशी ने कहा कि सामुदायिक संस्थाओं को एंटरप्राइज विकास की ओर प्रेरित किया जाए। उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन को एकीकृत कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला आय-सृजन कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन सकें।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने, उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री की संभावनाओं को बढ़ाया जाए। मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और निर्धारित समयसीमा में सभी लक्ष्यों को पूरा किया जाए।
इस अवसर पर ग्राम्य विकास सचिव धीरज गर्ब्याल और आयुक्त अनुराधा पाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मंत्री ने भविष्य में और बेहतर परिणाम लाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता बताई।
प्रदेश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।