रुद्रप्रयाग। तीर्थ समाज और मंदिर परंपराओं से जुड़े वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं सदस्य श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) श्रीनिवास पोस्ती (84) के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। उनके निधन को तीर्थ समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि श्री पोस्ती ने अपने जीवन का अधिकांश समय भगवान की सेवा और तीर्थयात्रियों के मार्गदर्शन में समर्पित किया। उन्होंने मंदिर परंपराओं के संरक्षण और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सादगी, विनम्रता और सेवा भावना सदैव स्मरणीय रहेगी।
अध्यक्ष द्विवेदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्रीनिवास पोस्ती का निधन केवल मंदिर समिति के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे तीर्थ पुरोहित समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने वर्षों तक निष्ठा और समर्पण के साथ चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा की और धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखा।
बताया जाता है कि श्री पोस्ती तीर्थ क्षेत्र में अपनी सरल जीवनशैली और धार्मिक आचरण के लिए विशेष रूप से सम्मानित थे। वे मंदिर समिति की बैठकों और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे और युवा पीढ़ी को परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रेरित करते थे।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों और तीर्थ पुरोहित समाज ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। क्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
उनके निधन से एक ऐसे अनुभवी और समर्पित व्यक्तित्व की कमी महसूस की जाएगी, जिन्होंने जीवन भर आस्था और सेवा को ही अपना धर्म माना।