देहरादून। भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान द्वारा 14 फरवरी को आयोजित एक दिवसीय “वी उत्सव” कार्यक्रम में उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान ऐपण कला ने बेंगलुरु में अपनी विशेष छाप छोड़ी। कार्यक्रम का आयोजन कोरमंगला इंडोर स्टेडियम में किया गया, जहां भारत के आठ राज्यों ने अपनी-अपनी पारंपरिक संस्कृति और कला का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए लोक कलाकार ज्योति जोशी ने ऐपण कला की भव्य प्रस्तुति दी। उन्होंने उपस्थित दर्शकों को ऐपण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, धार्मिक महत्व और इसकी पारंपरिक विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ऐपण, जो मुख्य रूप से पर्व-त्योहारों और मांगलिक अवसरों पर बनाई जाती है, उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और कला प्रेमियों ने भाग लिया। उत्तराखंड की इस पारंपरिक कला को दर्शकों ने बेहद सराहा और कलाकार की प्रस्तुति को खूब प्रशंसा मिली। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस मंच पर ऐपण कला ने न केवल सांस्कृतिक पहचान को उजागर किया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया।
गौरतलब है कि ज्योति जोशी इससे पहले भी उत्तराखंड विधानसभा भवन देहरादून और गैरसैंण में ऐपण कला की आकर्षक प्रस्तुति दे चुकी हैं। उनकी कलाकृतियों ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बेंगलुरु में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उत्तराखंड की लोक कला और परंपराएं देशभर में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।