नई दिल्ली, संसद के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा में अलग-अलग कारणों से हंगामा देखने को मिला। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के सदस्य आक्रामक रुख अपनाते हुए प्लेकार्ड लेकर सदन के वेल में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
आसन पर मौजूद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने विपक्षी सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। स्थिति को नियंत्रित न होते देख लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। बजट सत्र के दौरान इस तरह के व्यवधान से महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, राज्यसभा में कार्यवाही की शुरुआत अपेक्षाकृत शांत माहौल में हुई। शून्यकाल के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने ओडिशा में एक दलित व्यक्ति के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए केंद्र और संबंधित राज्य सरकार से जवाब की मांग की। साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश की एक पुरानी घटना का भी उल्लेख किया, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया।
खरगे के वक्तव्य के बाद राज्यसभा में भी पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ सदस्यों ने इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की, जबकि अन्य ने इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। देखते ही देखते राज्यसभा में भी शोर-शराबा बढ़ गया।
बजट सत्र के बीच संसद के दोनों सदनों में हुए इस हंगामे ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर और तीखी बहस होने की संभावना है, जिससे सत्र की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।