देहरादून। प्रदेश की विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की है कि शैक्षणिक संवर्ग का नया त्रि-स्तरीय ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसका प्रस्ताव शीघ्र ही कैबिनेट में लाया जाएगा। इस व्यवस्था को केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि शिक्षकों की जिम्मेदारियों और पदोन्नति प्रणाली में स्पष्टता लाई जा सके।
शासकीय आवास पर आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को त्रि-स्तरीय ढांचे के गठन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और प्रस्ताव को जल्द अंतिम रूप देकर कैबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) में लंबे समय से रिक्त चल रहे प्रवक्ता संवर्ग के 222 पदों को भरने के लिए अधियाचन राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा जाएगा। इन पदों पर स्थायी नियुक्ति होने से प्रतिनियुक्ति पर तैनात प्रवक्ताओं को उनके मूल विभाग में वापस भेजा जा सकेगा, जिससे व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी।
डॉ. रावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से पूर्व प्रदेश के सभी विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी विद्यालय में समय पर किताबें नहीं पहुंचीं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा मंत्री ने एससीईआरटी के ढांचे और नियमावली के गठन में तेजी लाने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने तथा स्कूल-कॉलेजों के लिए भूमि दान करने वाले परिवारों को नियुक्तियों में वरीयता देने के प्रस्ताव पर भी काम तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो विद्यालयों के उच्चीकरण के प्रस्ताव विधायकों से शीघ्र प्राप्त कर शासन को भेजने को कहा।
बैठक में सचिव रविनाथ रमन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।