अपराधियों को नहीं मिलेगी राहत! सीएम धामी के सख्त आदेश—तुरंत दर्ज हों मुकदमे

देहरादून। प्रदेश में हालिया आपराधिक घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिए कि सभी प्रकार के अपराधों में तत्काल मुकदमे दर्ज किए जाएं और अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में प्रदेश की समग्र कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आदतन अपराधियों और संगठित अपराध में संलिप्त तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध उपलब्ध विधिक प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में कानून का भय स्थापित हो और आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।

मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस अधिकारियों को सक्रियता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा जन शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और तत्परता दिखाई जाए। संवेदनशील और अपराध संभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस को समन्वित रणनीति के तहत कार्य करना होगा।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में लेने वालों, प्रदेश की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों और असामाजिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी संदेश दिया कि कार्रवाई के ठोस परिणाम जनता को दिखाई देने चाहिए और लोगों में सुरक्षा का विश्वास पैदा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि उनकी सरकार “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुशासन सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को जनहित सर्वोपरि रखते हुए कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपेक्षा जताई।

इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सचिव गृह, एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर), गढ़वाल कमिश्नर सहित पुलिस और शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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