“हरिद्वार में संत-समागम: शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज से सीएम धामी की विशेष भेंट”

हरिद्वार।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार के कनखल स्थित आश्रम पहुंचकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। भेंट को सनातन परंपरा और राष्ट्र चेतना के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कहा कि संत-महात्माओं का मार्गदर्शन समाज और शासन दोनों के लिए प्रेरणास्रोत होता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की आध्यात्मिक चेतना देश की सांस्कृतिक आत्मा को मजबूत करती है।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे। दोनों मुख्यमंत्रियों ने शंकराचार्य जी से सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में संत समाज की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। संतों के मार्गदर्शन से युवाओं को संस्कारवान बनाने और भारतीय मूल्यों से जोड़ने पर भी विचार किया गया।

शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शासन जब धर्म, संस्कृति और सेवा भाव से जुड़कर कार्य करता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार बदरीनाथ, केदारनाथ सहित चारधाम और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले। उन्होंने संत समाज से सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रहित में मार्गदर्शन देने का आह्वान किया।

कनखल स्थित आश्रम में हुई यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भेंट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे आध्यात्मिक संवाद और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक माना जा रहा है। संत समाज और शासन के बीच इस तरह का संवाद सामाजिक सौहार्द और राष्ट्र चेतना को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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