अंकिता भंडारी केस से किसान आत्महत्या तक, शिल्पी अरोड़ा ने उठाए गंभीर सवाल

गदरपुर।ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव **शिल्पी अरोड़ा** ने गदरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तराखंड सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में न्याय व्यवस्था, किसान सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े मुद्दे गहरे संकट से गुजर रहे हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं को लेकर संवेदनशील नजर नहीं आ रही है।

शिल्पी अरोड़ा ने **अंकिता भंडारी हत्याकांड** का जिक्र करते हुए कहा कि सीबीआई जांच के बावजूद अब तक पीड़िता को पूर्ण न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच पूरी हो चुकी है तो सीबीआई की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने मांग की कि रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, मामले में शामिल वीआईपी का नाम उजागर किया जाए और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनवाई कर दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए, ताकि जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।

उन्होंने **उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र** में किसान **सुखवंत सिंह** की आत्महत्या का मामला भी उठाया। शिल्पी अरोड़ा ने कहा कि किसान ने आत्महत्या से पहले जारी वीडियो संदेश में भूमाफियाओं, प्रशासनिक दबाव और पुलिस की निष्क्रियता के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि किसान आत्महत्या के मामलों में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही किसानों को कर्ज सुरक्षा, कानूनी संरक्षण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिल्पी अरोड़ा ने **केंद्रीय बजट 2026** पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यूरिया और उर्वरक सब्सिडी में की गई कटौती से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में अपेक्षित वास्तविक निवेश न होने से आम जनता की समस्याएं और गंभीर होंगी।

शिल्पी अरोड़ा ने सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि अंकिता भंडारी मामले में पूर्ण और पारदर्शी न्याय सुनिश्चित किया जाए, किसान आत्महत्या मामलों में सीधी जवाबदेही तय हो, किसानों को कर्ज सुरक्षा और कानूनी संरक्षण मिले, उत्तराखंड के लिए विशेष कृषि एवं रोजगार पैकेज घोषित किया जाए तथा स्वास्थ्य और शिक्षा में ठोस निवेश किया जाए।

 

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