नई दिल्ली, लोकसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों के तीखे विरोध और नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी सदस्य भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर चर्चा की मांग करते हुए तख्तियां लेकर सदन के बीचोंबीच आ गए, जिससे कार्यवाही बाधित हुई।
सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आसन संभाला, कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। अध्यक्ष ने सदन को नंदूरबार लोकसभा सीट से पूर्व सांसद स्वरूप सिंह हिरियानाइक के निधन की सूचना दी। इसके बाद सदन ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मौन के पश्चात अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, लेकिन विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही।
हंगामे के बीच गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने प्रश्नों के उत्तर देना शुरू किया, पर शोर-शराबा थमने का नाम नहीं लिया। इस पर अध्यक्ष ने सदस्यों से अपने स्थान पर बैठने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल सांसदों द्वारा सवाल उठाने और सरकार की जवाबदेही तय करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है, जिसमें नारेबाजी का कोई औचित्य नहीं है। बावजूद इसके, स्थिति नहीं सुधरी और अध्यक्ष ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे पुनः सदन की कार्यवाही शुरू होने पर पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने बताया कि अध्यक्ष को विभिन्न मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, लेकिन किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा तख्तियां दिखाने पर उन्होंने आपत्ति जताई और कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के बाद सभी को अपने-अपने मुद्दों पर चर्चा का पूरा अवसर मिलेगा।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कार्यमंत्रणा समिति की सिफारिशें सदन के पटल पर रखीं, जिन्हें ध्वनिमत से स्वीकृति मिली। इसके बाद भी विपक्ष शांत नहीं हुआ, तो पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू हुआ था। इसके बाद आर्थिक सर्वे और आम बजट पेश किया गया। आज सत्र का पांचवां दिन है और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा प्रस्तावित है, जिसके लिए लोकसभा में 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।