देहरादून।
ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित **ग्रामोत्थान परियोजना (रीप)** एक मजबूत आधार बनकर उभर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में **स्मार्ट मोबाइल फोन एवं कृषि यंत्र/श्रम न्यूनीकरण उपकरण वितरण कार्यक्रम** का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम्य विकास, कृषि एवं कृषक कल्याण तथा सैनिक कल्याण मंत्री **गणेश जोशी** ने 42 पशु सखी एवं ए-हेल्प वर्करों को स्मार्ट मोबाइल फोन तथा 1575 ग्रामीण महिलाओं को कृषि सहायक उपकरण वितरित किए।
इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार कृषि, पशुपालन और ग्रामीण महिलाओं को **जमीनी स्तर पर आत्मनिर्भर** बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज आजीविका संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं और **‘लखपति दीदी’ अभियान** में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि श्रम न्यूनीकरण उपकरणों के माध्यम से महिलाओं के कार्यभार में कमी आएगी, जिससे समय की बचत के साथ उनकी उत्पादकता बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। वहीं पशु सखियों को उपलब्ध कराए गए स्मार्ट मोबाइल फोन से **पशुपालकों को 24 घंटे पशुधन स्वास्थ्य सेवाएं** सुलभ हो सकेंगी। इससे पशुओं के इलाज, टीकाकरण और देखभाल की जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी।
ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत देहरादून जनपद के छह विकासखंडों से चयनित महिलाओं को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण उपरांत **देहरादून की 26 एवं हरिद्वार की 16 पशु सखी एवं ए-हेल्प वर्करों** को स्मार्ट मोबाइल फोन प्रदान किए गए। यह डिजिटल सुविधा उन्हें क्षेत्र में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायक होगी।
इसके साथ ही देहरादून जनपद की **आठ क्लस्टर लेवल फेडरेशन** के अंतर्गत संचालित **45 ग्राम संगठनों** से जुड़ी **1575 ग्रामीण महिलाओं** को कृषि सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें कुदाल, खुरपी, स्प्रिंकलर सिस्टम और स्प्रेयर जैसे आधुनिक श्रम न्यूनीकरण उपकरण शामिल हैं, जो खेती को आसान और अधिक लाभकारी बनाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान **उप आयुक्त ग्राम विकास नरेश कुमार, उपनिदेशक मानव संसाधन रीप महेंद्र सिंह यादव, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता, जिला परियोजना प्रबंधक कैलाश भट्ट** सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।