ऋषिकेश।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को राजभाषा हिंदी के प्रभावी एवं उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। **नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), हरिद्वार** द्वारा संचालित **नराकास वैजयंती योजना** के अंतर्गत टीएचडीसी को **प्रथम पुरस्कार** से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि पर टीएचडीसी के **अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सिपन कुमार गर्ग** ने हर्ष व्यक्त करते हुए समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।
श्री गर्ग ने कहा कि राजभाषा हिंदी के उत्तरोत्तर विकास और अधिकाधिक प्रयोग के लिए सभी को इसी प्रकार निष्ठा, प्रतिबद्धता और टीम भावना के साथ कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने इसे सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, हरिद्वार की **41वीं अर्धवार्षिक बैठक** का आयोजन **29 जनवरी** को **भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की** में किया गया। बैठक की अध्यक्षता टीएचडीसी के **मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन एवं प्रशासन) डॉ. अमर नाथ त्रिपाठी** ने की। बैठक में समिति से जुड़े विभिन्न केंद्रीय सरकारी संस्थानों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुखों, प्रतिनिधियों और राजभाषा अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के निदेशक **प्रो. कमल किशोर पंत**, राजभाषा प्रभारी **प्रो. अविनाश पाराशर**, राजभाषा विभाग के उप निदेशक **श्री छबिल मेहेर** सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
बैठक के दौरान आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में नराकास केी तत्वावधान में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। टीएचडीसी के **सहायक प्रबंधक श्री नीरज शर्मा** को प्रथम पुरस्कार तथा **श्री गोविंद रेलिया** को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त वर्ष **2024–25** के दौरान अपने संस्थानों में राजभाषा के श्रेष्ठ कार्यान्वयन के लिए टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के **कारपोरेट कार्यालय** को सार्वजनिक उपक्रमों की श्रेणी में **नराकास राजभाषा वैजयंती योजना का प्रथम पुरस्कार** प्रदान किया गया। यह सम्मान टीएचडीसी की राजभाषा के प्रति प्रतिबद्धता और सतत प्रयासों का प्रमाण है।