उत्तराखंड में 405 पैक्स बने ई-पैक्स, अब गांवों तक पहुंचेगी डिजिटल क्रांति

देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में अब तक 405 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) को ई-पैक्स में परिवर्तित किया जा चुका है, जबकि शेष समितियों में डिजिटलीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

डॉ. रावत ने कहा कि पैक्स समितियों के डिजिटलीकरण से अब सभी लेन-देन ऑनलाइन होंगे, जिससे पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी, बल्कि अनियमितताओं पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश की सभी 670 पैक्स समितियों को ई-पैक्स में बदलना है।

सहकारिता मंत्री के अनुसार, अब तक अल्मोड़ा में 39, बागेश्वर में 12, चमोली में 47, चम्पावत में 21, देहरादून में 24, हरिद्वार में 27, नैनीताल में 20, पौड़ी में 49, पिथौरागढ़ में 58, रुद्रप्रयाग में 24, टिहरी में 42, ऊधमसिंह नगर में 17 और उत्तरकाशी में 25 पैक्स समितियों का डिजिटलीकरण पूरा किया जा चुका है। शेष समितियों में भी कार्य तेजी से प्रगति पर है।

डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण में और तेजी लाई जाए, ताकि जल्द से जल्द सभी समितियां ई-पैक्स के रूप में कार्य करने लगें। उन्होंने कहा कि ई-पैक्स को मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल भुगतान, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य डिजिटल सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पैक्स समितियों का ई-ऑडिट भी किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 461 और 2024-25 में 420 समितियों का ई-ऑडिट पूरा किया जा चुका है। कई जनपदों में शत-प्रतिशत ई-ऑडिट किया जाना सहकारिता विभाग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में नई दिशा मिलेगी।

 

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