भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक के दूसरे दिन, 17 जनवरी 2026 को गांधी पार्क, देहरादून में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया। यह धरना केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में किए गए परिवर्तन के विरोध में किया गया।
धरने में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी, प्रदेश उपाध्यक्ष अभय कैतुरा, राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप सिंह तोमर, राष्ट्रीय सचिव अजय रावत, प्रदेश प्रभारी सौरभ यादव, सह-प्रभारी लक्ष्यजीत और अन्य वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं है, बल्कि करोड़ों ग्रामीण गरीबों के रोजगार और सम्मान का अधिकार है। इसके नाम में बदलाव गांधी जी की विचारधारा और गरीब-मजदूर विरोधी सोच को दर्शाता है।
एनएसयूआई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस निर्णय को तत्काल वापस नहीं लेती और मनरेगा को पूर्ववत नहीं बहाल करती, तो पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए कहा,
“हम गांधी जी का अपमान नहीं सहेंगे,
हम गरीबों का उत्पीड़न नहीं सहेंगे।”
धरने के माध्यम से संगठन ने यह संदेश दिया कि छात्रों और गरीब-मजदूर वर्ग की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि एनएसयूआई संविधान, गांधी और आम जनता के अधिकारों पर किसी भी तरह के हमले को सहन नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
इस धरने ने स्पष्ट कर दिया कि छात्र संगठन समाज और गरीबों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्रिय है और मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के नाम में किसी भी बदलाव को जनता और युवाओं के अधिकारों पर हमला माना जाएगा।