उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय ने ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और विभागीय अधिकारी शामिल हुए, साथ ही नीति बनाने और संचालन में स्थानीय ग्राम प्रतिनिधि और हितधारक भी मौजूद रहे।
बैठक में यात्रा मार्गों की समस्त सड़कों की मरम्मत, पार्किंग क्षमता में वृद्धि, पैदल मार्गों का सुधार, स्वास्थ्य और आपातकालीन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, हेली सेवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि पिछले साल यात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यात्रा को और अधिक सुगम एवं सरल बनाया जाएगा।
विगत यात्रा सीजन में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी, और इस अनुभव के आधार पर इस वर्ष ठोस और प्रभावी तैयारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा से संबंधित कार्यों की स्क्रूटनी करें और एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी करते हुए फास्ट ट्रैक मोड में कार्य प्रारंभ करें।
सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पिछले साल मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने से दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इसको देखते हुए इस वर्ष से चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। श्रद्धालुओं के मोबाइल और कैमरा रखने के लिए विशेष व्यवस्था भी बनाई जाएगी।
गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि यात्रा अप्रैल माह से प्रारंभ होने की संभावना है। सभी यात्रा मार्गों और धामों पर पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, खाद्यान्न, पुलिस, सफाई, विद्युत, दूरसंचार, हेली सेवाएं और आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे। यह बैठक इस बात को सुनिश्चित करती है कि चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार अनुभव बन सके।