उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल स्थित बागेश्वर जिले में मंगलवार सुबह भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। सुबह करीब 7:25 बजे आए भूकंप ने नींद में सो रहे लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। झटके महसूस होते ही लोग सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है, जिसे कम तीव्रता का भूकंप माना जाता है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र बागेश्वर जिले में ही स्थित था और इसकी गहराई जमीन के भीतर लगभग 10 किलोमीटर थी। कम गहराई पर केंद्र होने के कारण भूकंप के झटके आसपास के इलाकों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। इसका असर बागेश्वर से करीब 174 किलोमीटर दूर ऋषिकेश और लगभग 183 किलोमीटर दूर हरिद्वार तक दर्ज किया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, झटकों के साथ कुछ सेकंड तक गड़गड़ाहट जैसी आवाज भी सुनाई दी, जिससे भय का माहौल और बढ़ गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने भूकंप के तुरंत बाद संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि इस तीव्रता के भूकंप सामान्यतः नुकसानदेह नहीं होते, लेकिन उत्तराखंड जैसे भूकंप-संवेदनशील और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों को अफवाहों से दूर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, शांत रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। भूकंप के बाद हालात पूरी तरह सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी है।