खगोल प्रेमियों के लिए सुनहरा मौका, आज बिना टेलिस्कोप भी दिखेगा बृहस्पति का अद्भुत रूप

खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए आज का दिन बेहद खास और रोमांचक है। शनिवार को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना घटित हो रही है, जब सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (जुपिटर), पृथ्वी और सूर्य एक ही सीध में आ जाएंगे। इस खगोलीय स्थिति के कारण बृहस्पति पृथ्वी के अपेक्षाकृत सबसे करीब होगा और सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा बड़ा और बेहद चमकदार दिखाई देगा।

नेशनल अवार्ड से सम्मानित विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने जानकारी देते हुए बताया कि आज दोपहर ठीक 2 बजकर 4 मिनट पर पृथ्वी, बृहस्पति और सूर्य एक सरल रेखा में होंगे। इस समय बृहस्पति की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किलोमीटर होगी, जो इसकी न्यूनतम दूरी मानी जाती है। दूरी कम होने के कारण गुरुदर्शन का यह वर्ष का सबसे बेहतरीन अवसर होगा।

उन्होंने बताया कि शाम के समय पूर्व दिशा में आकाश की ओर देखने पर बृहस्पति बिना किसी टेलिस्कोप के भी तेज चमकते हुए आसानी से देखा जा सकता है। वहीं, अगर कोई दूरबीन या टेलिस्कोप का उपयोग करता है तो बृहस्पति की डिस्क पर मौजूद धारियां (बैंड्स) और इसके चार प्रमुख गैलिलियन चंद्रमा—आयो, यूरोपा, गैनीमीड और कैलिस्टो—भी स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। इस दौरान बृहस्पति माइनस 2.68 मैग्नीट्यूड की तीव्र चमक के साथ नजर आएगा।

सारिका घारू के अनुसार, बृहस्पति जिसे भारतीय खगोल विज्ञान में ‘गुरु’ कहा जाता है, इस समय आकाश में मिथुन तारामंडल में स्थित है। यह ग्रह शाम को उदित होकर पूरी रात आकाश में दिखाई देगा, मध्यरात्रि के समय सिर के ठीक ऊपर होगा और सुबह पश्चिम दिशा में अस्त हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि बृहस्पति का आकार पृथ्वी से लगभग 11 गुना बड़ा है। यदि पृथ्वी को अंगूर के आकार का मानें तो बृहस्पति एक बास्केटबॉल के बराबर होगा। सूर्य से अत्यधिक दूरी के कारण सूर्य का प्रकाश बृहस्पति तक पहुंचने में करीब 43 मिनट का समय लेता है। अब तक वैज्ञानिक बृहस्पति के 95 चंद्रमाओं की खोज कर चुके हैं।

खगोल प्रेमियों के लिए यह एक दुर्लभ और यादगार अवसर है, जिसे देखना निश्चित ही रोमांचक अनुभव होगा।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.