गंगासागर मेले में डिजिटल क्रांति: हैम रेडियो से अब दुनिया भर में होगा सुरक्षित और तेज संचार

गंगासागर मेले में इस वर्ष संचार और सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने के लिए हैम रेडियो की अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पहल से न केवल देशभर में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद संचार संभव हो सकेगा। इसका मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना और आपात स्थितियों में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को सुनिश्चित करना है।

अब तक वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब के हैम रेडियो ऑपरेटर जिला प्रशासन के अनुरोध पर एनालॉग रेडियो के माध्यम से सेवाएं देते आ रहे थे। इन सेवाओं ने मेले के दौरान खोए हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने, गंभीर रूप से बीमार यात्रियों को एयर एंबुलेंस के जरिए कोलकाता के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों तक पहुंचाने और देश के अलग-अलग हिस्सों में परिजनों को सूचना देने में अहम भूमिका निभाई है।

इस बार डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से यह प्रक्रिया और अधिक तेज, सटीक और प्रभावी हो जाएगी। संदेश अब सीधे देशभर के हैम रेडियो ऑपरेटरों तक तुरंत पहुंच सकेंगे, जिससे राहत और सहायता कार्यों में समय की बचत होगी। पिछले 36 वर्षों से अस्थायी कंट्रोल रूम के जरिए यह सेवाएं दी जा रही हैं, लेकिन इस बार मेले के भौगोलिक विस्तार और संभावित भारी भीड़ को देखते हुए डिजिटल प्रणाली को बेहद जरूरी माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष कुंभ मेले का आयोजन न होने के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के गंगासागर आने की संभावना है। ऐसे में कंट्रोल रूम पर दबाव बढ़ना तय है। डिजिटल मोबाइल रेडियो (डीएमआर) तकनीक इस चुनौती से निपटने में मदद करेगी। इसकी खासियत यह है कि संदेश पूरी तरह गोपनीय रहते हैं और केवल संबंधित लोग ही उन्हें सुन या पढ़ सकते हैं। शोरगुल के बीच माइक्रोफोन से की जाने वाली घोषणाओं की समस्या भी समाप्त हो जाएगी, क्योंकि अब रेडियो के जरिए सीधे संदेश और एसएमएस भेजे जा सकेंगे।

गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी यह तकनीक सहायक साबित हो रही है। रेडियो सोसाइटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन द्वारा गंगासागर द्वीप को एएस-153 के रूप में मान्यता मिलने से विदेशी पर्यटकों की रुचि बढ़ी है। मेले के दौरान उन्हें लाइव अपडेट मिल सकेंगे, वहीं आपदा की स्थिति में यह संचार व्यवस्था बेहद उपयोगी होगी।

वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब के संपादक अंबरिश नाग विश्वास ने बताया कि यह डिजिटल प्रयोग गंगासागर मेले को सुरक्षित, आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम आयोजन के रूप में स्थापित करेगा।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.