दून घाटी के कला प्रेमियों के लिए इन दिनों दून पुस्तकालय एक खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रसिद्ध कलाकार स्व. द्विजेन सेन की स्मृति में आयोजित भव्य चित्रकला प्रदर्शनी कला प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र और द्विजेन सेन कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह प्रदर्शनी 30 दिसंबर तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
प्रदर्शनी दून पुस्तकालय के तीसरे तल और कला केंद्र, दोनों स्थानों पर आयोजित की गई है, जहां प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक दर्शक विविध कलाकृतियों का अवलोकन कर सकते हैं। इसमें दून घाटी, उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की उत्कृष्ट कृतियां प्रदर्शित की गई हैं। चित्रों में प्राकृतिक सौंदर्य, सामाजिक जीवन, मानवीय संवेदनाएं और आध्यात्मिक भावनाएं जीवंत रूप में दिखाई देती हैं।
प्रदर्शनी में पेंटिंग्स के साथ-साथ मूर्तिकला भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। चित्रों में पोर्ट्रेट, लैंडस्केप, धार्मिक व सांस्कृतिक विषयों को बेहद सजीव ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कलाकारों की विविध शैलियों और रंग संयोजन ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया है।
प्रदर्शनी में भाग ले रहीं कलाकार मेघा कथूरिया ने बताया कि वह भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से जुड़ी हैं और लंबे समय से कला के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वहीं युवा कलाकार नवीन कनवासी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है और दर्शकों से सीधा संवाद स्थापित होता है।
युवा चित्रकार हरि गुरुंग ने बताया कि उनकी कृतियों में उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत—जैसे बदरीनाथ, ऋषिकेश, हर की पैड़ी—को उकेरा गया है।
प्रदर्शनी में कर्नल विजय दुग्गल, कर्नल भारत भंडारी, जसपाल दुग्गल, आलोक लाल, मीरा दुग्गल, अंजलि थापा, दीपक रावत, शिल्पी सिन्हा सहित अनेक कलाकारों की रचनाएं शामिल हैं।
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के कार्यक्रम प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी और कला केंद्र के प्रमुख कर्नल वी.के. दुग्गल ने बताया कि स्व. द्विजेंद्र सेन के कला-सपने को जीवित रखने का यह प्रयास लगातार जारी रहेगा और आगे भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे।