जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही भारी बर्फबारी के बीच प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश के पांच जिलों में **हिमस्खलन (एवलांच)** की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी खास तौर पर पर्वतीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जारी की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, **डोडा, गांदरबल, किश्तवाड़, पुंछ और रामबन** जिलों में कम खतरे वाले हिमस्खलन की संभावना जताई गई है। बताया गया है कि इन जिलों में **2,800 मीटर से अधिक ऊंचाई** वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान हिमस्खलन हो सकता है। हालांकि खतरे का स्तर फिलहाल कम आंका गया है, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव से स्थिति गंभीर भी हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे हिमस्खलन संभावित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें। विशेषकर पर्यटकों, ट्रेकिंग करने वालों और ऊंचाई वाले गांवों में रहने वाले नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
गौरतलब है कि इस सप्ताह जम्मू-कश्मीर के अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से लेकर भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फ की मोटी परत जमने से पहाड़ी ढलानों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में मामूली वृद्धि या तेज हवाओं के कारण भी बर्फ खिसक सकती है।
प्रशासन ने संबंधित जिलों के आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं। लोगों से आग्रह किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन या आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन से संपर्क करें।
मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड और बर्फबारी का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव मानी जा रही है।