नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने पांच दिवसीय जर्मनी दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भारतीय संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान में निहित समान अधिकार, राज्यों की समानता, भाषाई विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे मूल विचारों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है।
राहुल गांधी ने बर्लिन स्थित प्रतिष्ठित हर्टी स्कूल में विद्यार्थियों के साथ आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में लोकतंत्र, संस्थाओं की भूमिका और वैश्विक राजनीतिक हालात पर अपने विचार रखे। इस संवाद का लगभग एक घंटे का वीडियो उन्होंने सोमवार रात सोशल मीडिया पर साझा किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए राहुल ने भारत की वर्तमान राजनीतिक और लोकतांत्रिक स्थिति पर खुलकर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि देश की प्रमुख लोकतांत्रिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर पा रही हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियों—सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय—का उपयोग राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हथियार के रूप में किया जा रहा है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की लड़ाई केवल भाजपा से नहीं, बल्कि उन संस्थागत ढांचों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ भी है, जिनका उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा करना है।
राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा की मतदाता सूची में एक विदेशी महिला का नाम पाए जाने का मुद्दा उठाया गया, लेकिन निर्वाचन आयोग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की निष्पक्षता पर भी संदेह जताया।
आर्थिक मुद्दों पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए मजबूत विनिर्माण क्षेत्र आवश्यक है। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार ने कुछ बड़े उद्योग समूहों को प्राथमिकता दी, जबकि नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसी नीतियों से छोटे और मध्यम उद्योगों को भारी नुकसान हुआ।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत जैसा विशाल और विविधतापूर्ण देश किसी एक व्यक्ति की सोच से नहीं चल सकता। संविधान भारत को राज्यों का संघ मानता है, लेकिन मौजूदा सरकार इस विषय पर व्यापक और खुले संवाद के लिए तैयार नहीं है। उनका कहना था कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए विविधता, संघीय ढांचे और संस्थाओं की स्वतंत्रता का सम्मान आवश्यक है।