देहरादून।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने मामले से जुड़े नए खुलासों के बाद भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक की पत्नी द्वारा हत्याकांड में शामिल एक वीआईपी का नाम सार्वजनिक किए जाने और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ द्वारा बुलडोजर कार्रवाई को लेकर किए गए खुलासे बेहद गंभीर हैं।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने अपने बयान में कहा कि विधायक की पत्नी ने स्पष्ट रूप से दावा किया है कि अंकिता हत्याकांड में शामिल वीआईपी कोई और नहीं बल्कि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम उर्फ ‘गट्टू’ हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यमकेश्वर क्षेत्र में रिसॉर्ट पर बुलडोजर की कार्रवाई स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट के इशारे पर की गई थी, जिसकी पुष्टि भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने की है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अब यह भारतीय जनता पार्टी को तय करना है कि वह न्याय के पक्ष में खड़ी है या फिर बलात्कारियों और हत्यारों को संरक्षण देने वालों के साथ। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के हालिया बयानों पर भी पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को रावण का वंशज और भाजपा को राम का वंशज बताने वाली बयानबाजी के विपरीत भाजपा नेताओं की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने सवाल उठाया कि क्या मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अपने वंशजों को महिलाओं के अपमान और अन्याय का संरक्षण करना सिखाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि देवभूमि उत्तराखंड में सबसे जघन्य हत्याकांड भाजपा नेता के रिसॉर्ट में हुआ, जिसमें सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ रही है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि यदि भाजपा नेतृत्व में थोड़ी भी नैतिकता शेष है तो दुष्यंत गौतम को तत्काल सभी पदों से हटाकर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाए और विधायक रेणु बिष्ट की विधानसभा सदस्यता समाप्त की जाए।