टीटीपी को करारा जवाब: क्या बदल रहा है पाकिस्तान का सुरक्षा समीकरण? पढ़ें पूरी रिपोर्ट

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के खिलाफ तीन दिनों तक चले खुफिया-आधारित अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, इन ऑपरेशनों में कुल 38 विद्रोही लड़ाके मार गिराए गए। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को सराहते हुए इसे आतंकवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 और 16 नवंबर को डेरा इस्माइल खान जिले के कुलाची इलाके में सबसे बड़ी कार्रवाई की गई, जहां टीटीपी के खजांची आलम महसूद सहित 10 आतंकियों को ढेर किया गया। इसके बाद उत्तरी वजीरिस्तान के दत्ता खेल क्षेत्र में हुए दूसरे अभियान में पांच और टीटीपी लड़ाके मारे गए।

आईएसपीआर ने बताया कि 16 और 17 नवंबर के बीच बाजौर और बन्नू जिलों में दो और महत्वपूर्ण ऑपरेशन चलाए गए। बाजौर में 11 आतंकियों का सफाया किया गया, जिसमें एक बड़ा नाम—टीटीपी कमांडर सज्जाद उर्फ अबुजर—भी शामिल था। वहीं बन्नू जिले में हुए अलग अभियान में 12 अन्य लड़ाकों को मार गिराया गया।

सरकारी बयानों के अनुसार, “आज्म-ए-इस्तेहकाम” के विजन के तहत यह अभियान पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम है। पिछले हफ्ते भी केपी और बलूचिस्तान में तीन अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बल 24 आतंकियों को मार चुके हैं, जिससे स्पष्ट है कि पाकिस्तान में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और तेज हो गई है।

 

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