हरिद्वार। जिले के स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे आठ निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जो बिना योग्य डॉक्टरों और मानक सुविधाओं के संचालित हो रहे थे। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय की ओर से की गई, जिसके बाद जिले में चर्चा का माहौल बन गया है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर के नेतृत्व में गठित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धनपुरा और सुल्तानपुर क्षेत्र में कई मेडिकल संस्थानों पर औचक छापेमारी की। टीम ने जिन संस्थानों का निरीक्षण किया, उनमें लविश क्लीनिक, आदित्य क्लीनिक, मैक्स मेडिकेयर, एल.एम. हॉस्पिटल (धनपुरा), ग्लोबल हॉस्पिटल, क्लासिक हॉस्पिटल, वेल केयर हॉस्पिटल और गैलेक्सी हॉस्पिटल शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि इन संस्थानों में न तो अधिकृत डॉक्टर उपलब्ध थे और न ही प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ। कई अस्पतालों में आपातकालीन सुविधाओं का अभाव दिखा, जबकि अधिकांश ने मेडिकल वेस्ट निस्तारण और अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया था। यह स्थिति स्वास्थ्य नियमों की सीधी अवहेलना थी।
स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर अनियमितताओं के मद्देनज़र सभी संस्थानों पर **नैदानिक स्थापना अधिनियम** के तहत जुर्माना लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि वे निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते हैं, तो उनके **पंजीकरण आवेदन निरस्त** कर दिए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना योग्य डॉक्टरों और आवश्यक स्वास्थ्य मानकों के बिना अस्पताल चलाने वालों पर अब सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर ऐसे संस्थानों को लोगों की जान जोखिम में डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई उन निजी अस्पतालों के लिए स्पष्ट संदेश है जो मानकों की अनदेखी करते हुए इलाज के नाम पर लापरवाही बरत रहे थे। विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह की छापेमार कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो।