श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित नौगाम इलाके में शुक्रवार देर रात हुए एक भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। करीब 11:22 बजे पुलिस थाने के भीतर अचानक हुए इस तेज धमाके की आवाज़ पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। लोग सोच भी नहीं पाए थे कि अचानक हुई यह बड़ी घटना पूरे शहर को झकझोर देगी।
धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही है। कई घायलों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आए और पूरे थाना परिसर को घेरकर सील कर दिया गया। देर रात से ही फॉरेंसिक टीमों और बम निरोधक विशेषज्ञों ने मौके पर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि धमाका फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक सामग्री की सैंपलिंग के दौरान हुआ। अब यह सवाल उठ रहे हैं कि इतनी संवेदनशील प्रक्रिया में सुरक्षा प्रोटोकॉल की क्या चूक हुई, जिसने जानलेवा हादसे को जन्म दिया।
स्थानीय निवासी तारिक अहमद ने उस डरावने क्षण को याद करते हुए कहा कि रात को अचानक हुए तेज धमाके ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया।
उन्होंने कहा— “धमाका इतना जोरदार था कि घर की खिड़कियाँ तक हिल गईं। लगभग 15-20 मिनट तक किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। जब बाहर निकले तो लोग घबराए हुए पुलिस स्टेशन की ओर भाग रहे थे, कुछ रो रहे थे, कुछ चिल्ला रहे थे। ऐसा माहौल पहली बार देखा।”
विस्फोट के बाद नौगाम और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच बैठा दी है और कहा है कि घटना की हर परत को खंगाला जाएगा तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।