नई दिल्ली। वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 45 हजार करोड़ रुपए का बूस्टर पैकेज घोषित किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस निर्णय को “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और कहा कि ये फैसले भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने तीन अलग-अलग सोशल मीडिया पोस्ट्स में कहा कि निर्यात प्रोत्साहन से जुड़े ये फैसले आपूर्ति श्रृंखलाओं को सशक्त बनाएंगे, उद्योग जगत को स्थिरता देंगे और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर एक्सपोर्टर्स से निर्यातकों को सुचारु संचालन में मदद मिलेगी और भारत की स्थिति वैश्विक बाजार में और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पैकेज ‘मेड इन इंडिया’ की वैश्विक पहचान को और सशक्त करेगा, जिससे भारत की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य निर्यात क्षेत्र को मजबूत बनाना है ताकि देश की अर्थव्यवस्था में इसका योगदान बढ़े।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (EPM) से एमएसएमई, नए निर्यातक और श्रम-प्रधान उद्योगों को विशेष लाभ मिलेगा। इस मिशन के तहत प्रमुख हितधारकों को जोड़कर एक प्रभावी और परिणामोन्मुख प्रणाली तैयार की जाएगी, जिससे भारत के उत्पादों को विश्व बाजार में अधिक पहुंच मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि सरकार के इस पैकेज में 25,060 करोड़ रुपए एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के लिए और 20 हजार करोड़ रुपए क्रेडिट गारंटी स्कीम के विस्तार के लिए आवंटित किए गए हैं। यह कदम न केवल निर्यातकों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर और मजबूती देगा।