भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से लंबित **मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ब्रसेल्स यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच एफटीए से जुड़े बचे हुए मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बातचीत 26 से 28 अक्टूबर तक हुई, जिसमें यूरोपीय आयोग के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त **मरोस शेफचोविच** और उनकी टीम भी शामिल रही।
मंत्रालय के अनुसार, भारत और ईयू दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि समझौता **संतुलित, पारदर्शी और समान हितों वाला** हो, जो दोनों के बीच गहरे भरोसे और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करे। यह चर्चा उसी दिशा में रही, जिसका लक्ष्य प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष **उर्सुला वॉन डेर लेयेन** ने इस साल फरवरी में तय किया था — यानी **वर्ष के अंत तक एफटीए पर समझौता**।
भारत ने वार्ता के दौरान टैरिफ और **गैर-टैरिफ बाधाओं** दोनों को संतुलित रूप से संबोधित करने पर जोर दिया। साथ ही, श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए **विशेष रियायतें** देने की आवश्यकता भी रखी। दोनों पक्षों ने **गैर-संवेदनशील औद्योगिक टैरिफ लाइनों** को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई, जबकि **इस्पात, ऑटो, सीबीएएम (Carbon Border Adjustment Mechanism)** जैसे मुद्दों पर आगे और बातचीत की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, ईयू का एक **तकनीकी दल अगले सप्ताह भारत** आएगा ताकि समझौते के शेष पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा सके।

