नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छठ महापर्व की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच गहरी एकता का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि छठ पर्व के दौरान घाटों पर समाज के सभी वर्ग—महिला, पुरुष, युवा और वृद्ध—एक साथ खड़े होते हैं और सूर्यदेव को अर्घ्य प्रदान करते हैं। यह भारत की सामाजिक एकता और समरसता का सुंदर उदाहरण है। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि यदि अवसर मिले तो इस पर्व में अवश्य भाग लें और इसकी परंपरा का अनुभव करें।
पीएम मोदी ने आगे बताया कि छठ महापर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारे सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों, नैतिकता और पर्यावरण के प्रति सम्मान की भावना को भी उजागर करता है। उन्होंने कहा कि सूर्य को अर्घ्य देने की यह प्रथा हमें प्रकृति के साथ संतुलन और सम्मान बनाए रखने की प्रेरणा देती है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे पर्व हमारी संस्कृति और परंपरा की मजबूती को दर्शाते हैं और युवा पीढ़ी को अपने मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की याद दिलाते हैं।
छठ महापर्व, जो मुख्यतः बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में मनाया जाता है, न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि भारतीय समाज में एकता और सहयोग की भावना को भी सशक्त करता है।