जुबीन गर्ग मौत मिस्ट्री: सिंगापुर पुलिस ने कहा – जांच पूरी होने में लगेंगे तीन माह, लेकिन जुबीन की मौत ‘स्वाभाविक’
राहुल गांधी की देरी से समाधि यात्रा पर सीएम का तीखा प्रहार
सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी।असम के संगीत जगत के सूरम्य सितारे जुबीन गर्ग की सिंगापुर में रहस्यमयी मौत का मामला अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उलझ चुका है। प्रारंभिक जांच में सिंगापुर पुलिस ने मौत को ‘स्वाभाविक’ करार दिया है। पुलिस पहले ही सात लोगों को गिरफ्तार कर अदालत के निर्देश पर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जुबीन की समाधि पर 28 दिन बाद पहुंचने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राजनीतिक निशाना साधा है।
क्या यह हादसा ही था या साजिश? रहस्य गहराते जा रहे हैं!
जुबीन गर्ग (52) की मौत 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के सेंट जॉन्स आइलैंड के पास समुद्र में तैराकी के दौरान हुई थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में स्कूबा डाइविंग हादसे का जिक्र था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खुलासा किया कि मौत डूबने से हुई। उन्हें मिर्गी की समस्या थी, और पानी में दौरा पड़ने से बेहोशी आई हो सकती है। सिंगापुर पुलिस ने भारतीय उच्चायोग को सौंपी रिपोर्ट में किसी आपराधिक हस्तक्षेप की आशंका नकार दी है। फिर भी, असम पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के एंगल से भी जांच रहा है। सात अहम गिरफ्तारियां इसकी तस्दीक कर रही हैं।
इस बीच शुक्रवार को वायरल सिंगापुर पुलिस बयान: जांच जारी, कोई फाउल प्ले नहीं
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर सिंगापुर पुलिस का एक बयान वायरल हो गया, जिसमें कहा गया है कि प्रारंभिक जांच में जुबीन की मौत स्वाभाविक लग रही है। पुलिस ने कथित तौर पर ‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ को दिए बयान में कहा, “कोई संदिग्ध गतिविधि या फाउल प्ले नहीं पाया गया।” हालांकि, जांच अभी जारी है, और असम एसआईटी को 21 अक्टूबर को सिंगापुर पुलिस से मिलने का समय मिला है। एसआईटी प्रमुख एडीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व वाली टीम 20 अक्टूबर को सिंगापुर रवाना हो रही है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “नवंबर तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। एसआईटी को घटना के पीछे का मूल मकसद पता चल चुका है।
“राहुल गांधी का आगमन: 28 दिन बाद समाधि दर्शन, सीएम का कटाक्ष
कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को जुबीन गर्ग की समाधि और निवास पर पहुंचे। उन्होंने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “जुबीन की आवाज ने एक पीढ़ी को परिभाषित किया। उनका जाना असाधारण प्रतिभा की अपूरणीय क्षति है।” लेकिन यह यात्रा 28 दिन बाद होने से विवादों में घिर गई। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखा प्रहार किया, “जुबीन की जिंदगी की इतनी कीमत? केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और किरेन रिजिजू अंतिम संस्कार के समय ही समाधि पर पहुंचे थे। हमने राहुल या प्रियंका गांधी की तत्काल उपस्थिति की उम्मीद की थी, लेकिन कोई नहीं आया। अब ड्रामा खत्म करें।” सरमा ने जोर देकर कहा कि असम सरकार न्याय सुनिश्चित करेगी, लेकिन राजनीतिकरण न हो।
देश को गहरा आघात: राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यहां दिवंगत गायक जुबीन गर्ग के काहिलीपाड़ा स्थित निवास पर पहुंचकर परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कर ढांढस बंधाया।जुबीन गर्ग की असामयिक मृत्यु को पूरे देश के लिए गहरा आघात बताते हुए घटना की पारदर्शी व त्वरित जांच की मांग की। बाद में पत्रकारों से कहा — “यह अत्यंत दुखद क्षण है। मैंने परिवार से कहा है कि काश मैं किसी शुभ अवसर पर यहां आता। लेकिन यह समय असम और देश दोनों के लिए बहुत पीड़ादायक है।”
राहुल ने कहा कि जब वे 17 वर्ष के थे और सिक्किम में पर्वतारोहण का प्रशिक्षण ले रहे थे, तब उन्होंने कंचनजंघा की ऊँचाई देखी थी। गौरव गोगोई ने मुझसे कहा कि जुबीन दा कंचनजंघा की तरह थे — ईमानदार, अडिग, पारदर्शी और सुंदर। यह सुनते ही मैं उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ गया।
क्यों इतनी सख्ती?
असम पुलिस ने अब तक सात गिरफ्तारियां की हैं। नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत, मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, चचेरा भाई व डीएसपी संदीपन गर्ग, निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा व प्रबीन बैश्य, संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी और गायिका अमृतप्रभा महंत शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि पीएसओ के खातों में 1.1 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन मिले हैं। महंत पर वित्तीय अपराधों की अलग जांच चल रही है। बीएनएस की धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या, षड्यंत्र व लापरवाही के आरोप लगे हैं। सवाल उठ रहा है: अगर सिंगापुर पुलिस ने “अभी” मौत को स्वाभाविक कहा, तो इतने लोगों को क्यों गिरफ्तार किया गया? सूत्रों का कहना है, “यॉट पार्टी के दौरान लापरवाही, वित्तीय अनियमितताएं और संभावित साजिश की पड़ताल जरूरी है। सिंगापुर से 10 असमिया प्रवासियों के बयान भी दर्ज हो चुके हैं।”
असम में उग्र प्रदर्शन: जेल पर पथराव, पुलिस वाहन आग के हवाले
जो भी हो, मामले ने समूचे असम को आक्रोशित कर दिया है। 15 अक्टूबर को बाक्सा जेल के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को लाने वाले पुलिस काफिले पर पथराव किया। तीन पुलिस वाहन आग के हवाले कर दिये गये। पुलिस वालों सहित कई लोग घायल हुए। सीएम सरमा ने सफाई दी, “लाठीचार्ज पहले नहीं हुआ, भीड़ ने पहले हमला किया। नौ लोगों की गिरफ्तारी और कुछ अन्य की पहचान हो चुकी है।” राज्य में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। जुबीन के प्रशंसक न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि परिवार ने निष्पक्ष जांच की अपील की है।
असल जांच सिंगापुर में हो रही है। सिंगापुर पुलिस तीन महीने में जांच पूरी करेगी। उसके पहले कुछ नहीं बोलेगी। असम एसआईटी भी, शायद, नवंबर अंत तक जांच पूरी कर पाये! समय तो लगेगा ही। ऐसे में यह मामला अब न केवल न्याय की लड़ाई है, बल्कि असम की सांस्कृतिक विरासत पर सवाल भी खड़ा कर रहा है। एसआईटी की सिंगापुर यात्रा से नया मोड़ आ सकता है।

