पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर खुली जंग में तब्दील हो गया है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कुर्रम जिले में दोनों देशों की सेनाओं के बीच मंगलवार रात भीषण गोलीबारी हुई। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि अफगान तालिबान और प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने बिना किसी उकसावे के हमला किया, जिसका जवाब पूरे बल के साथ दिया गया।
पाकिस्तान टीवी (PTV News) ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई में अफगान तालिबान की कई चौकियां और टैंक नष्ट कर दिए गए। शमसादर चौकी पर चौथे टैंक को भी तबाह किया गया। इस दौरान फितना अल-खवारिज समूह का एक बड़ा कमांडर भी मारा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के जवाबी हमले के बाद तालिबान लड़ाके अपनी चौकियों को छोड़कर भाग खड़े हुए।
इस संघर्ष में 23 पाकिस्तानी सैनिकों और 200 से अधिक तालिबान लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। वहीं, अफगानिस्तान ने दावा किया कि यह हमला प्रतिशोध के तौर पर किया गया, क्योंकि पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह अफगान क्षेत्र में हवाई हमला किया था।
पाकिस्तान की विदेश सचिव आमना बलोच ने इस्लामाबाद में स्थानीय राजदूतों को स्थिति की जानकारी दी और कहा कि देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उधर, द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, झड़पें केवल कुर्रम तक सीमित नहीं रहीं। गोलीबारी **खोस्त प्रांत के जाजी मैदान जिले से बढ़कर नांगरहार और हेलमंद तक फैल गई। वहीं, अफगान मीडिया ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने बलोचिस्तान के बाराबचा सीमा क्षेत्र* में सात अफगान मजदूरों को गिरफ्तार कर गोली मार दी।
इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री **ख्वाजा आसिफ** ने हाल ही में कहा था कि “दोनों देशों के बीच माहौल बेहद शत्रुतापूर्ण है और किसी भी समय लड़ाई छिड़ सकती है।” लगता है उनकी आशंका अब हकीकत बन चुकी है।