बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंस गया है। राज्य के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आगामी चुनाव के लिए राजग में सीट शेयरिंग और जदयू के विधानसभा सीट आवंटन पर कड़ी नाराजगी जताई है।
सूत्रों के अनुसार, राजगीर, मोरवा और सोनबरसा विधानसभा सीटें **चिराग पासवान** की **लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (लोजपा-आर)** को दी गई हैं। इन सीटों पर **भाजपा** के नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री **सम्राट चौधरी** को उतारने की योजना बनाई गई है। वहीं, तारापुर विधानसभा सीट भाजपा के खाते में चली गई है। नीतीश कुमार को खासकर **अपने गृह जिले** में इस सीट बंटवारे पर असहमति है।
मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी को जदयू के कार्यवाहक अध्यक्ष **संजय झा** और केंद्रीय मंत्री **ललन सिंह** के सामने रखा और उनसे आग्रह किया कि **भाजपा के साथ सीट बंटवारे पर फिर से बातचीत** की जाए। नीतीश कुमार ने उन नौ सीटों पर आपत्ति जताई, जो पहले जदयू के पास थीं और जोर दिया कि ये सीटें उनकी पार्टी के पास ही रहें।
इस बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास से लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास तक लगातार बैठकें होती रहीं। हालांकि, विधिवत रूप से उम्मीदवारों की घोषणा अभी नहीं हुई है, नीतीश कुमार ने **पहले चरण के उम्मीदवारों को सिंबल बांटना** शुरू कर दिया है। पहले चरण के अधिकांश नेताओं को सिंबल प्रदान कर दिया गया है। इनमें वरिष्ठ नेता **विजेंद्र यादव** सुपौल से नामांकन करेंगे, प्रदेश अध्यक्ष **उमेश कुशवाहा** महनार से और **अनंत सिंह** मोकामा से उम्मीदवार होंगे।
इससे पहले, रविवार को केंद्रीय मंत्री और बिहार चुनाव प्रभारी **धर्मेंद्र प्रधान** ने घोषणा की थी कि बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा और जदयू दोनों **101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे**, जबकि चिराग पासवान की लोजपा-आर 29 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा, **जीतन राम मांझी** की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और **उपेंद्र कुशवाहा** की राष्ट्रीय लोक मोर्चा 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
राजग के घटक दलों के बीच **सीट बंटवारे की घोषणा के तुरंत बाद मतभेद** सामने आ गए। नीतीश कुमार विशेष रूप से जदयू की कई सीटों पर नाराज हैं, जो लोजपा-आर को दी गई हैं। सोनबरसा सीट पर जदयू के **रत्नेश सदा** विधायक हैं और मंत्री भी। हालांकि, नीतीश कुमार ने अपनी तरफ से जदयू के विधान परिषद सदस्य **ललन सर्राफ** के माध्यम से रत्नेश सदा को सिंबल दे दिया।
इसके अलावा वैशाली, नालंदा और तारापुर सीटों पर भी विवाद है। तारापुर सीट पहले जदयू के पास थी, लेकिन इसे भाजपा को देने की बात आ रही है। इसी सीट से उपमुख्यमंत्री **सम्राट चौधरी** खुद चुनाव लड़ना चाहते थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार को मनाने के लिए खुद **अमित शाह** पटना आ सकते हैं।
दूसरी ओर, सम्राट चौधरी ने अपने पोस्ट में लिखा कि राजग दलों में सीट संख्या का विषय **सौहार्दपूर्ण बातचीत** से तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि **मोदी जी और नीतीश जी के नेतृत्व** में राजग के सभी दल पूरी एकजुटता के साथ चुनाव के लिए तैयार हैं।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष **संजय झा** ने भी कहा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है। राजग में क्या हो रहा है, यह गलत जानकारी है। नीतीश कुमार चुनाव मैदान के लिए पूरी तरह तैयार हैं और राजग के लिए चुनाव प्रचार करेंगे।
सीट बंटवारे पर नाराजगी जताते हुए, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के **जीतन राम मांझी** ने कहा कि उन्हें केवल छह सीटें देकर कम आंकने की कोशिश की गई है। उपेंद्र कुशवाहा ने भी ट्वीट में कहा कि मिली सीटें उनकी पार्टी की उम्मीदों के अनुसार नहीं हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे धैर्य रखें और समझें कि फैसला सही है या गलत, यह समय बताएगा।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष **नीतीश कुमार की नाराजगी के बाद** राजग में **सीट शेयरिंग फॉर्मूले में बदलाव** संभव है। यह बदलाव चुनावी रणनीति और गठबंधन की मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।