ड्रग्स तस्करी से लेकर जासूसी तक! कौन है नेपाल से भागी वह पाकिस्तानी महिला जिसने हिला दी खुफिया एजेंसियां?

अगरतला।पूर्वोत्तर भारत के त्रिपुरा राज्य में रविवार को एक ऐसी गिरफ्तारी हुई जिसने देशभर की सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। नेपाल की जेल से फरार हुई एक पाकिस्तानी महिला को दक्षिण त्रिपुरा जिले के सबरूम रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह महिला ड्रग्स तस्करी के आरोप में नेपाल में 15 साल की सजा काट रही थी, और हाल ही में जेल तोड़कर फरार हो गई थी।

कैसे हुई गिरफ्तारी

त्रिपुरा पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह कंचनजंघा एक्सप्रेस से सबरूम रेलवे स्टेशन पर उतरी एक महिला का व्यवहार संदिग्ध लगा। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने जब पूछताछ की, तो उसने पहले अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। बाद में महिला पुलिस की सख्त पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह पाकिस्तान के शेखपुरा जिले की निवासी है।

महिला की पहचान उजागर होते ही पुलिस ने उसके सामान की तलाशी ली, जिसमें कई पाकिस्तानी मोबाइल नंबर, संदिग्ध दस्तावेज, और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद हुई। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि महिला तीन वर्ष पहले बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत में घुसी थी और तब से ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थी।

नेपाल से भागकर भारत पहुंचने की कहानी

जांच में यह भी पता चला कि महिला नेपाल की एक जेल में 15 साल की सजा काट रही थी। सितंबर 2025 में नेपाल में हुए जेल दंगे और अशांति के दौरान वह 30 कैदियों के साथ जेल से फरार हो गई थी।
नेपाल से भागने के बाद वह भारत में पश्चिम बंगाल के रास्ते त्रिपुरा पहुंची, जहां से उसका इरादा बांग्लादेश के जरिए पाकिस्तान लौटने का था। पुलिस के अनुसार, महिला को ड्रग्स तस्करी और जासूसी नेटवर्क के एजेंटों से संपर्क कर सीमा पार भागने की योजना थी।

खुफिया एजेंसियों की जांच तेज

त्रिपुरा पुलिस ने जब महिला से पूछताछ की, तो उसने कई बार गुमराह करने की कोशिश की। बाद में उसने स्वीकार किया कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थी।
उसके पास से मिले मोबाइल नंबरों की जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि वह नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट से जुड़ी हुई थी।

त्रिपुरा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया,

“महिला से पूछताछ के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स और जासूसी नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। हम इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से समन्वय कर रहे हैं।”

नेपाल जेल ब्रेक से जुड़ा है मामला

जानकारी के अनुसार, यह वही समय था जब नेपाल में हिंसा और जेल ब्रेक की घटनाओं ने सुर्खियां बटोरी थीं। सितंबर 2025 में नेपाल की एक जेल से करीब 30 कैदी फरार हो गए थे। उनमें से अधिकांश को भारतीय सीमा के पास एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) ने पकड़ लिया था। हालांकि, यह पाकिस्तानी महिला तब से फरार थी और अब त्रिपुरा में पकड़ी गई है।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई

त्रिपुरा पुलिस ने महिला की गिरफ्तारी के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। राज्य के दक्षिणी हिस्से में स्थित भारत-बांग्लादेश की 856 किमी लंबी सीमा पर बीएसएफ (BSF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
इस क्षेत्र में पहले भी मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध घुसपैठ के मामले सामने आते रहे हैं।

फिलहाल जेल में बंद, केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ जारी

फिलहाल महिला को अगरतला की मंडवी जेल में रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, उसे जल्द ही एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) या अन्य केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा जा सकता है ताकि उसके नेटवर्क और उद्देश्यों की गहराई से जांच की जा सके।

त्रिपुरा पुलिस ने इस गिरफ्तारी को “अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता” बताया है।
अधिकारियों का मानना है कि यह मामला न केवल ड्रग्स तस्करी बल्कि संभावित जासूसी गतिविधियों से भी जुड़ा हो सकता है, जिसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी

नेपाल से लेकर बांग्लादेश और भारत के पूर्वोत्तर इलाकों तक फैले इस नेटवर्क की जांच अब राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से इन मार्गों का उपयोग भारत में अस्थिरता फैलाने और नशीली दवाओं की तस्करी बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।

इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है और यह सवाल उठाया है कि आखिर नेपाल की जेल से भागी यह महिला भारत तक कैसे पहुंची, और उसके पीछे कौन-सा संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

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