वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता ने जीता नोबेल शांति पुरस्कार, तानाशाही के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष में मिली पहचान
नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की है। यह सम्मान उन्हें वेनेज़ुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने तथा देश में सत्तावादी शासन को समाप्त करने के लिए उनके शांतिपूर्ण संघर्ष के लिए दिया गया है।
नोबेल समिति के अध्यक्ष जोर्गेन वाटने फ्राइडनेस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मारिया कोरिना मचाडो ने वेनेज़ुएला में लोकतंत्र आंदोलन की अगुआई करते हुए हाल के वर्षों में नागरिक साहस का एक अद्वितीय उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा, “मारिया कोरिना मचाडो वेनेज़ुएला के लोगों के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और न्यायसंगत संक्रमण प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं।”
मारिया कोरिना मचाडो ने वर्षों तक वेनेज़ुएला में सत्तावादी शासन और राजनीतिक दमन के खिलाफ आवाज उठाई। उनका मानना है कि लोकतंत्र की स्थिरता और मानवाधिकारों का सम्मान केवल शांतिपूर्ण आंदोलन और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जा सकता है। उनका नेतृत्व न केवल वेनेज़ुएला के लिए बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका के लोकतंत्र समर्थकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मारिया कोरिना की सक्रियता और साहस के कारण ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिली। उनका यह पुरस्कार वेनेज़ुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए लंबे समय से जारी संघर्ष को विश्व स्तर पर सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नोबेल पुरस्कार वेनेज़ुएला में लोकतंत्र समर्थकों को नई उम्मीद देगा और देश में शांतिपूर्ण राजनीतिक बदलाव की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा।