हरिद्वार में **गंगनहर बंद होने** के कारण **खड़खड़ी श्मशान घाट** पर अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिजनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। Normally, लोग अपने परिजनों की अंत्येष्टि **गंगा किनारे** करते हैं और **शव की राख गंगा में प्रवाहित** कर लौटते हैं, लेकिन इन दिनों गंगा में जल का स्तर इतना कम है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नहीं हो पा रही है।
श्मशान घाट की **प्रबंधकारिणी सेवा समिति** ने इस समस्या को लेकर **सिंचाई विभाग** से आग्रह किया है कि श्मशान घाट पर **पर्याप्त जल छोड़ने** की व्यवस्था की जाए, ताकि अंतिम संस्कार में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
एसडीओ कैनाल **भारत भूषण शर्मा** ने बताया कि गंगाबंदी के दौरान **अविच्छिन्न धारा और गंगनहर में विकास कार्य** चल रहे हैं। इस वजह से जल प्रवाह प्रभावित हो रहा है, लेकिन **सुबह और शाम** के समय जल छोड़ा जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि **श्मशान घाट पर जरूरत के अनुसार पर्याप्त जल प्रवाह** सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा के जल स्तर में यह कमी खासतौर पर **अंतिम संस्कार और धार्मिक अनुष्ठानों** के समय परेशानी पैदा कर रही है। जल प्रवाह सुनिश्चित होने पर परिजन अपने परिजनों की **अंतिम यात्रा और संस्कार विधि** पूरी श्रद्धा और विधिवत कर पाएंगे।
श्रद्धालु उम्मीद कर रहे हैं कि विभाग द्वारा जल्द ही श्मशान घाट पर **अपर्याप्त जल की समस्या** का स्थायी समाधान किया जाएगा ताकि धार्मिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।