पिथौरागढ़ जिले में शनिवार रात जिलाधिकारी **विनोद गोस्वामी** ने देशभर के विभिन्न राज्यों से आए **100वें आधार कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों** के साथ संवाद किया। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई, जिसमें अधिकारियों ने अपने जनपद भ्रमण के अनुभव साझा किए और स्थानीय प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहराई से जानकारी ली।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी गोस्वामी ने प्रशिक्षु अधिकारियों से क्षेत्रीय चुनौतियों, विकास कार्यों, प्रशासनिक तंत्र और जनसेवा से जुड़े पहलुओं पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि **पिथौरागढ़ जनपद भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण** है, क्योंकि यह चीन और नेपाल की सीमाओं से सटा हुआ है। ऐसे में यहां प्रशासनिक दक्षता, तत्परता और जनसंपर्क की भूमिका और भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाती है।
डीएम गोस्वामी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और जन सहभागिता जैसे विषयों पर विशेष रूप से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि एक सफल प्रशासक वही होता है जो आमजन की समस्याओं को समझकर समाधान के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाए।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ भ्रमण उनके लिए एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक विविधता, प्रशासनिक प्रयासों और जनता के सहयोग की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि इस अनुभव से उन्हें जमीनी स्तर पर कार्य करने की बेहतर समझ मिली है, जो उनके भविष्य के प्रशासनिक जीवन में उपयोगी सिद्ध होगी।
बैठक में **अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी** भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे अपने भविष्य के कार्यों में उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्रों की चुनौतियों और सीखों को भी ध्यान में रखें।