देहरादून। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री **पुष्कर सिंह धामी** ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के निरोगी और सुखमय जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री धामी ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि **आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और जीवन जीने की शैली है**, जिसने सदियों से मानवता को स्वास्थ्य और संतुलन का मार्ग दिखाया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने आयुष चिकित्सा और आयुर्वेद के क्षेत्र में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप लाखों नागरिक आयुर्वेद की चिकित्सा प्रणाली से लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य में आयुर्वेद और योग पद्धति को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में **आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार**, अनुसंधान कार्यों को गति देने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग प्राकृतिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा से लाभान्वित हों।
धामी ने विश्वास जताया कि आयुर्वेद और योग की वैज्ञानिक परंपरा समाज को निरामय और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी दिनचर्या में आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाएं और स्वस्थ जीवनशैली की ओर कदम बढ़ाएं।