देहरादून। मुख्य सचिव **आनंद बर्द्धन** ने सोमवार को सचिवालय परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था, फाइलों की अधिकता और अनुभागों की स्थिति का गहनता से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने उन अनुभागों पर विशेष चिंता व्यक्त की, जहां पुरानी फाइलों का ढेर लगा हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि सभी अनुभागों में फाइलों की छंटनी (Weeding Process) नियमावली के अनुसार अनिवार्य रूप से एक माह के भीतर पूरी की जाए। इसके लिए फाइलों की वीडिंग प्रक्रिया से संबंधित दिशा-निर्देश पुनः प्रसारित करने के आदेश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने सचिवालय प्रशासन को निर्देशित किया कि **एक यथोचित रिकॉर्ड रूम** शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि आवश्यक फाइलों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखा जा सके और पुरानी, गैरजरूरी फाइलों से अनुभागों का बोझ कम किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अनुभागों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है क्योंकि कई विभाग एक ही कक्ष में संचालित हो रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सचिवालय परिसर में **10 से 12 अनुभागों के लिए पोटा केबिन भवन** तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि अलग-अलग अनुभागों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके।
मुख्य सचिव ने निरीक्षण रोस्टर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर अपने अनुभागों का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। इसके लिए निरीक्षण रोस्टर पुनः प्रसारित किया जाए और उसकी कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही, मुख्य सचिव ने सचिवालय परिसर के अंतर्गत सभी भवनों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उनका कहना था कि स्वच्छता, सुविधाएं और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली ही सचिवालय की कार्यक्षमता और दक्षता को बढ़ा सकती हैं।
मुख्य सचिव के इस निरीक्षण से साफ है कि आने वाले दिनों में सचिवालय की कार्यप्रणाली और दफ्तरों की व्यवस्थाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।