- आपदा राहत कार्यों के लिए 1200 करोड़ रुपए के फौरी मदद की घोषणा
- समीक्षा बैठक में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा महेंद्र भट्ट भी रहे मौजूद

ममता सिंह, देहरादून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उत्तराखंड यात्रा कई माइनों में खास रही। सबसे पहले तो उन्होंने उत्तराखंड में आई आपदा राहत कार्यों की समीक्षा कर 1200 करोड़ रुपए के फौरी मदद की घोषणा की। और यह भी कहा कि राज्य को हर संभव आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पुनर्वास और राहत जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में धन की किल्लत नहीं हो।

साथ ही, प्रधानमंत्री ने सही समय पर प्रदेश में आई आपदा को कंट्रोल करने एवं व्यवस्थित ढंग से राहत कार्यों को प्रभावितों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शाबासी भी दी। इसके अलावा पार्टी के दिग्गजों को इशारों ही इशारों में नसीहत भी दे डाली। खासकर, उन दिग्गजों को दी जो आज प्रधानमंत्री के आगमन पर कतारबद्ध होकर उनकी अगवानी के लिए खड़े थे। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इधर-उधर दिमाग लगाने के बजाय आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर पीड़ितों के पास पहुंच कर उनकी सुध लेने को कहा था।
विडम्बना यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त आदेश के बावजूद भाजपा के वरिष्ठ नेता आपदा प्रभावित क्षेत्रों में घुसने के बजाय अमर्यादित कार्यों में अप्रत्यक्ष रूप से लिप्त देखे गये। जिसका परिणाम सोशल मीडिया में एक खास रणनीति के तहत मुख्यमंत्री बदलने को लेकर खबरें जमकर वायरल कराई गईं। अचरज की बात तो यह रही कि आपदा के दौरान मुख्यमंत्री प्रभावितों के साथ खड़े दिखे और राहत कार्यों की अपने स्तर पर खुद ही मॉनिटरिंग करते दिखे।
हां, खानापूर्ति के तहत इक्के- दुक्के दिग्गज नेता आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जरूर देखे गए। हालांकि, उस दौरान ही राज्यसभा सांसद और उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सोशल मीडिया में चलवाई जा रही बिना सिर- पैर की खबरों का एक सिरे से खारिज कर दिया। उसके बाद सरकार विरोधी मुहिम में जुटे मुट्ठी भर नेताओं को तगड़ा झटका लगा और योजना धराशायी हो गई। दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय को उत्तराखंड की सियासत में चल रही उठापटक को पूरी सूचनाएं मिलती रहीं।
तभी तो बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक के पहले तथा बाद में प्रधानमंत्री ने पार्टी के सभी दिग्गजों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर आपदा पीड़ितों की मदद करने के लिए फिर कहा। सबसे खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में चली जरूरी समीक्षा बैठक में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा राज्य सभा सांसद और उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा पार्टी का कोई वरिष्ठ नेता या किसी सांसद को शामिल नहीं किया गया। यह बात अलग है कि सारे सांसद आज एयरपोर्ट पर मौजूद दिखे। बहरहाल, प्रधानमंत्री धामी सरकार के कार्यों से जरूर संतुष्ट दिखे। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ आवश्यक आदेश भी दिए। ताकि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से जिंदगी पटरी पर लौट सके।