वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और मॉरीशस के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मॉरीशस दो अलग-अलग राष्ट्र हैं, लेकिन दोनों के सपने और नियति एक जैसे हैं। उन्होंने इस मुलाकात को द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला अवसर बताया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सर शिवसागर रामगुलाम को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष विशेष महत्व रखता है क्योंकि हम मॉरीशस के राष्ट्रपिता सर शिवसागर रामगुलाम की 125वीं जयंती मना रहे हैं। वे केवल मॉरीशस के संस्थापक नेता ही नहीं थे, बल्कि भारत और मॉरीशस के बीच अटूट संबंधों के सेतु भी थे। उनकी जयंती दोनों देशों को अपने रिश्तों को और गहरा करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुई वार्ता में आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक से भारत और मॉरीशस के बीच नए समझौते और परियोजनाओं की राह खुलेगी।
गौरतलब है कि मॉरीशस लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का घनिष्ठ साझेदार रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, समुद्री सुरक्षा और व्यापार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच कई साझा पहलें चल रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मॉरीशस का रिश्ता केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझा संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों की नींव पर टिका है।