देहरादून। राज्य की कनेक्टिविटी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सोमवार को सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उत्तराखण्ड सरकार और डीआरएम मुरादाबाद संग्रह मौर्य सहित रेलवे अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में महाकुंभ 2033, रेलवे बाईपास और यातायात योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन का डबल लेन किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाले महाकुंभ से पहले ट्रैफिक दबाव को संभाला जा सके। इसके लिए उन्होंने रेलवे और वन विभाग को वाइल्ड लाइफ एवं फॉरेस्ट क्लियरेंस की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही, रेलवे से ट्रैफिक मैनेजमेंट सर्कुलेशन प्लान जल्द तैयार कर राज्य सरकार को उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में ऋषिकेश-डोईवाला रेलवे बाईपास को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने राजाजी नेशनल पार्क, रेलवे और वन विभाग की टीम से संयुक्त सर्वेक्षण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, हर्रावाला रेलवे स्टेशन के विस्तार कार्य को गति देने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने रेलवे स्टेशनों के फेस लिफ्टिंग प्रोजेक्ट में ऋषिकेश और हरिद्वार को शामिल किए जाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने 2027 कुम्भ से संबंधित बैठकों में रेलवे से एक मेला अधिकारी नामित करने की भी मांग की, ताकि समन्वय बेहतर हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य के लिए एक मोबिलिटी प्लान तैयार किया जाए, जो अगले 50 वर्षों की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया जाए। इसमें सड़क, रेल और अन्य परिवहन विकल्प शामिल होंगे।
बैठक में डीआरएम संग्रह मौर्य ने बताया कि देहरादून-मसूरी रेलवे प्रोजेक्ट का प्राथमिक सर्वे पूरा हो चुका है, और जल्द ही फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू किया जाएगा। वहीं, सहारनपुर-देहरादून प्रोजेक्ट का फाइनल लोकेशन सर्वे भी जारी है। उन्होंने जानकारी दी कि हर्रावाला रेलवे स्टेशन की डीपीआर स्वीकृत हो गई है और अब अंतिम स्वीकृति बाकी है।
इस बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, सी. रविशंकर, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, एमडीडीए उपाध्यक्ष, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।