देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र के लिए मंगलवार का दिन बेहद दुखद रहा। द्वारहाट के विधायक मदन सिंह बिष्ट की धर्मपत्नी और जिला पंचायत अल्मोड़ा की पूर्व अध्यक्ष **उमा बिष्ट** का मंगलवार को निधन हो गया। नोएडा स्थित एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे बीते कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थीं।
उनके निधन की खबर से पूरे अल्मोड़ा जिले और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। उमा बिष्ट को एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और जनसेवक के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपने कार्यकाल में पंचायत स्तर पर महिलाओं और ग्रामीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष **हेमंत द्विवेदी** ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि *“पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष का जाना एक अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मैं दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य व शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।”*
उमा बिष्ट का राजनीतिक और सामाजिक जीवन संतुलित रहा। वे न सिर्फ एक सक्षम नेतृत्वकर्ता थीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के बीच एक संवेदनशील और सरल व्यक्तित्व के रूप में भी जानी जाती थीं। उनके अचानक निधन से जिले में ही नहीं, पूरे राज्य में गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि उमा बिष्ट की कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनके नेतृत्व और सेवाभाव ने उन्हें जनता के दिलों में एक विशेष स्थान दिलाया था।