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कोलकाता में रिकॉर्ड बारिश, पंडाल निर्माण और प्रतिमा सज्जा पर संकट

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा से पहले लगातार हो रही बारिश ने आयोजकों और कुम्हारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। गंगीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर बना चक्रवात अब नए निम्न दबाव में बदल सकता है। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि सोमवार तक यह दबाव गहराएगा और बंगाल की खाड़ी में यह इस साल का आठवां निम्न दबाव होगा।

बीते दो महीनों में बंगाल में बारिश का रिकॉर्ड टूटा है। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 22 अगस्त तक कोलकाता में 1,135 मिलीमीटर और हावड़ा में 1,250 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है बल्कि त्योहार की तैयारियों पर भी गहरा असर डाला है।

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भाद्र मास में जहां आमतौर पर उमस और गर्मी लोगों को परेशान करती थी, वहीं इस बार लगभग रोजाना झमाझम बारिश हो रही है। दुर्गापूजा के पंडाल निर्माण का काम धीमा पड़ गया है, वहीं कुम्हारों को प्रतिमा निर्माण में काफी कठिनाई हो रही है। मिट्टी गीली होने से प्रतिमाओं को आकार देना और सुखाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। आयोजकों और शिल्पकारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है— आखिर बारिश कब थमेगी?

मौसम विभाग ने शनिवार को कोलकाता में आसमान मेघाच्छादित रहने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

निम्न दबाव के प्रभाव से दक्षिण बंगाल के बांकुड़ा, पुरुलिया, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बीरभूम और दक्षिण 24 परगना में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं मुर्शिदाबाद, नदिया, पूर्व और पश्चिम बर्दवान और उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है। उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है।

 

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