पटना। बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में गुरुवार सुबह एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। यह छापेमारी हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के डाक बंगला चौक स्थित बस स्टैंड संचालक राजू राय के घर पर की गई। कार्रवाई सुबह करीब 4:30 बजे शुरू हुई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में राजू राय के घर की गहन तलाशी ली और उनसे पूछताछ भी की। अचानक हुई इस कार्रवाई के दौरान इलाके में सन्नाटा छा गया। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी 2024 में मुजफ्फरपुर से बरामद हुए AK-47 हथियारों के मामले की जांच का हिस्सा है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में भी एनआईए ने हाजीपुर में छापेमारी की थी। उस समय एसडीओ रोड स्थित एक अधिवक्ता के घर और बागमली क्षेत्र में एक अन्य मकान पर छापे मारे गए थे। दोनों ही कार्रवाईयां AK-47 बरामदगी मामले से जुड़ी बताई गई थीं।
करीब चार घंटे तक चली इस छापेमारी में एनआईए की टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस बार की कार्रवाई में क्या बरामद हुआ। कार्रवाई पूरी होने के बाद टीम पटना लौट गई।
एनआईए की इस छापेमारी से हाजीपुर समेत पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस AK-47 मामले में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन शामिल हो सकता है। एजेंसी फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बिहार में हथियारों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जड़ें गहरी हैं और इन्हें खत्म करने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई जरूरी है। एनआईए की हालिया कार्रवाई इसी दिशा में एक और अहम कदम मानी जा रही है।