रायपुर, 22 अगस्त। छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के दूसरे सेमेस्टर की कीट विज्ञान परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दुर्ग के एक निजी कृषि कॉलेज के प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच में पेपर लीक का नेटवर्क कई जिलों तक फैले होने की बात सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा से करीब दो घंटे पहले शुक्रवार सुबह लगभग 8 बजे व्हाट्सऐप ग्रुप में एक टेक्स्ट फाइल प्रसारित की गई थी। इसमें कीट विज्ञान परीक्षा से जुड़े 18 महत्वपूर्ण सवाल थे। सुबह 9:30 बजे परीक्षा केंद्रों पर मूल प्रश्नपत्र खोला गया और 10 बजे परीक्षा शुरू हुई। इसके बाद जब वायरल टेक्स्ट फाइल में दिए गए सवालों का मूल प्रश्नपत्र से मिलान किया गया तो 70 प्रतिशत से अधिक प्रश्न हूबहू समान पाए गए। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर यूनिट ने रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव और बिलासपुर में कई स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने 16 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और व्हाट्सऐप चैट की जांच के बाद छह लोगों की गिरफ्तारी की गई।
जांच में पता चला कि प्रश्नपत्र सबसे पहले दुर्ग के एक निजी एग्रीकल्चर कॉलेज से बाहर निकला था। इसके बाद यह कवर्धा के कुछ छात्रों तक पहुंचा और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए दूसरे विद्यार्थियों में प्रसारित किया गया। गिरफ्तार किए गए पांच अन्य आरोपी इसी नेटवर्क से जुड़े कॉलेज छात्र बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले से जुड़े कई छात्रों से पूछताछ की है और कवर्धा के दो छात्रों को नोटिस देकर रायपुर बुलाया गया है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन को कवर्धा कॉलेज के अधिष्ठाता और बिलासपुर के एक कॉलेज की ओर से ई-मेल के जरिए प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र लीक करने के पीछे मकसद क्या था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।