5,000 करोड़ का अनुपूरक बजट और 9 विधेयक पेश होंगे, लेकिन विपक्ष क्यों भड़का?

देहरादून/गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मंगलवार से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हुआ, लेकिन इसकी शुरुआत हंगामेदार रही। जैसे ही सदन की कार्यवाही वंदेमातरम गान के साथ आरंभ हुई, विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने पंचायत चुनाव में धांधली और कानून-व्यवस्था पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।

कांग्रेस विधायक “वोट डकैती बंद करो, तानाशाही बंद करो” के नारे लगाते हुए सदन की बेल में आ गए और विरोध जताने लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा—पहले 11:30 बजे तक, फिर 11:40, 11:50 और 12 बजे तक। जब 12 बजे कार्यवाही पुनः शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य फिर से हंगामा करने लगे। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने आसन के सामने रखी मेज पलट दी और सचिवालय की टेबल, माइक और टैबलेट तोड़ दिए। हालात बिगड़ने पर सदन को दोबारा 12:20 बजे तक स्थगित करना पड़ा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में शुरू हुए सत्र से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा गेट की सीढ़ियों पर भी धरना दिया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राज्यभर में अराजकता का माहौल है और पंचायत चुनावों को प्रभावित करने के लिए भाजपा सरकार ने सत्ता का दुरुपयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नैनीताल जैसी घटनाएँ लोकतंत्र को शर्मसार कर रही हैं।

सत्र के पहले दिन सरकार ने अनुपूरक बजट सहित कुल 9 विधेयक पेश करने का कार्यक्रम तय किया है। वित्त मंत्री की भूमिका निभाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शाम चार बजे 5,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करेंगे, जिसमें बुनियादी ढांचे और नई घोषणाओं के लिए प्रावधान किया गया है।

आज सदन में जिन विधेयकों पर चर्चा होगी, उनमें उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2025, अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025, समान नागरिकता (संशोधन) विधेयक, लोकतंत्र सेनानियों की सुविधाएं बढ़ाने से संबंधित विधेयक और पंचायती राज (संशोधन) विधेयक शामिल हैं।

हंगामे और विरोध के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि सदन अनुपूरक बजट और सभी विधेयकों पर सुचारु चर्चा करा पाएगा या नहीं।

 

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